कौशलेश राय 'दि डोज़ियर' और 'द हिंदू कैफे' के संस्थापक हैं. वे एक साधारण हिंदू के रूप में लिखते हैं, जो उन रास्तों की तलाश में है जिनसे वह सभ्यता—जो सदियों के इस्लामिक और ईसाई आक्रमणों व विजय अभियानों को सहकर, चोटिल होने के बावजूद आज भी जीवित है—न केवल बनी रहे, बल्कि अपने खोए हुए आत्मविश्वास और प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर सके.